खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री सत्यानंद राठिया ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य की सभी उचित मूल्य दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण, उठाव एवं वास्तविक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। श्री राठिया छत्तीसगढ़ मंत्रालय में जिला खाद्य अधिकारियों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मानसून से पहले सभी पहुंच विहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न के भण्डारण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। श्री राठिया ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के विरूध्द सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव डॉ. आलोक शुक्ला, आयुक्त डॉ. बी.एस. अनंत, राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के प्रबंध संचालक श्री दिनेश श्रीवास्तव एवं विभाग के राज्य स्तरीय अधिक अधिकारी उपस्थित थे।
श्री राठिया ने कहा कि मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के तहत अगले माह मई से चावल का वितरण पैकेट में किया जाए। पहुंच विहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न सामग्री के भण्डारण के लिए अतिरिक्त पैकेट तैयार करने होगे अत: पैकेजिंग का कार्य तेजी से किया जाए। इसके लिए जिलों में एक अधिकारी तैनात किया जाए जो पैकेजिंग स्थल पर प्रतिदिन जाए तथा वहां रैण्डम रूप से पैकेट का भौतिक सत्यापन भी करें। उन्होंने जिला खाद्य अधिकारियों को गोदामों में जाकार धान के भंडारण का भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने जिला खाद्य अधिकारियों से कहा कि ग्राम सुराज अभियान के पहले सभी उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न का भण्डारण तथा वास्तविक हितग्राही को खाद्यान्न मिले यह सुनिश्चित कर लें। ग्राम सुराज अभियान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की शिकायतों के निराकरण के लिए त्वरित कार्यवाही करें। उन्होंने बताया कि शहरी क्षेत्रों में गरीबी रेखा श्रेणी के परिवारों का सर्वेक्षण-2007 पूरा हो गया है। जिले के खाद्य अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) से इस सर्वेक्षण के आधार पर उन नये नामों की सत्यापित सूची प्राप्त कर लें। उन्होंने बताया कि नए राशन कार्ड अब जिले में ही बनाए जाएंगे। वर्ष 2002 में शहरी क्षेत्र में शामिल सूची का मिलान वहां की शहरी सर्वे सूची से तथा वह शहरी क्षेत्र जो वर्ष 2002 में ग्रामीण क्षेत्र में थे वहां सूची का मिलान वहां की ग्रामीण सूची से किया जाएं। इन सूचियों की तुलना का कार्य भी डूडा से करवाया जाए।
डॉ. आलोक शुक्ला ने कहा कि मानसून से पहले पहुंच विहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न के भण्डारण के लिए इन क्षेत्रों का चिन्हांकन जल्द्र कर ले। मई माह के खाद्यान्न के उठाव के लिए 35 किलो पैकेट में चावल की पैंकेजिंग का कार्य चार-पांच दिनों में कर लिया जाए। ग्रीष्मकालीन धान खरीदी व्यवस्था का स्थल निरीक्षण करें। बरसात में धान को पानी से बचाने के लिए पर्याप्त संख्या में कैप कव्हर का इंतजाम रखें। उन्होंने बताया कि राज्य की नौ सूखा ग्रस्त तहसीलों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम गर्मियों में भी संचालित होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। कॉल सेंटर में प्राप्त होने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। उचित मूल्य दुकानदारों द्वारा भरे जाने वाले घोषणा पत्रों में से दस प्रतिशत का प्रतिमाह भौतिक सत्यापन किया जाएं।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment