राजस्थान जयपुर 15 अप्रेल, 2008 बरसाती पानी के प्रवाह मार्गों के रूप में सदियों से प्रचलित रहे नालों को साल भर पानी के भण्डार से भरा रखने की होड़ में पहाड़ियों की धरती बांसवाड़ा जिले में हाल के तीन-चार वर्षों में उल्लेखनीय काम हुए हैं जिनके कारण लोक जीवन के कई पहलू परिपुष्ट हुए हैं और इनसे लोगों की माली हालत में सुधार आने लगा है।
इन नालों में अब तक कुछ माह ही पानी रहता था मगर राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत जगह-जगह बनाए गए एनिकटों, वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चरों आदि जल संरचनाओं की वजह से अब साल भर जमा रहने वाला पानी इनकी खूबसूरती का दिग्दर्शन कराने के साथ ही ग्राम्य जीवन में खुशहाली के नए संगीत की लहरियां सुनाने लगा है।
बांसवाड़ा जिले की घाटोल पंचायत समिति की अमरसिंह का गढ़ा ग्राम पंचायत के देवजी ओड़ा गांव में भैरवजी नाले पर बना एनिकट इसी प्रकार की एक जल संरचना है जो ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाने वाली सिध्द हो रही है।
इसका निर्माण 4.67 लाख रुपए की धनराशि से कराया गया है। इसमें लगभग 165000 सी.एफ.टी. पानी पहली बरसात में ही जमा हुआ और इसके साथ ही किसानों की भाग्यरेखाएं स्पष्ट आकार लेने लगीं। इस एनिकट से इस जनजाति क्षेत्रा के 19 परिवारों की 21 हैक्टर कृषि भूमि को लाभ मिल रहा है। एनिकट से किसानों को 100 से 110 क्विंटल गेहूं व चना की फसल प्राप्त होने लगी है।
इस एनिकट से अब आस-पास हरियाली भी आने लगी है तथा मवेशियों के सामने विद्यमान रही पेयजल समस्या से मूक प्राणियों को निजात मिली है।
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