गैर परम्परागत ऊर्जा स्त्रोतों को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के 14 मोटलों तथा 22 विश्रामगृहों में सौर ऊर्जा की बिजली से प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सभी मोटल तथा विश्रामगृह परिसर में सोलर फोटो वोल्टाईट सिस्टम लगाए जाएंगे। इस कार्य में दो करोड़ 58 लाख व्यय संभावित है।
पर्यटन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने बताया है कि पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश में 22 स्थानों पर मोटलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से 14 मोटल में सौर ऊर्जा से निर्मित बिजली लगाने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय के परिप्रेक्ष्य में सरगांव (बिलासपुर), कुलीपोटा (जांजगीर-चांपा), कोड़ातराई (रायगढ़), कोनकोना (कोरबा), चडीरमा (सरगुजा), चिरगुड़ी (कोरिया), केन्द्री (रायपुर), कांपा (महासमुन्द), खपरी (दुर्ग) तुमड़ीबोड़ (राजनांदगांव), भाठागांव (धमतरी), नथियानवागांव (कांकेर) हारम (दंतेवाड़ा) और कोंडागांव (बस्तर) में बन रहे मोटल में सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इन मोटलों में सोलर सिस्टम लगाने के कार्य में 58 लाख रूपए खर्च आएगा।
श्री अग्रवाल ने यह भी बताया कि दो करोड़ रूपए की लागत से बारनवापारा, मोहदा, नगरनार, आमाडोब, मैनपाट, भोरमदेव, बलार सहित 15 अन्य विश्रामगृहों में भी सोलर प्रकाश सिस्टम लगाने की योजना तैयार की गई है।
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