Saturday, April 19, 2008

औद्योगिक रूप से पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों का विकास

योजना आयोग ने वाणिज्य और उद्योग विभाग की स्कीम  बैकवर्ड डिस्ट्रिक्ट ग्रांट फंड के उद्देश्य हेतु हाल ही में 2005 में एक कार्य किया है। इस सर्वेक्षण में 170 जिलों की पहचान  पिछड़े जिलों के रूप में की गई थी, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों के 55 उग्रवाद प्रभावित जिले भी शामिल थे। इस सर्वेक्षण में क्षेत्रीय असमानताओं की अवधारणा पर बल दिया गया। 
 
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्री अश्वनी कुमार ने बताया कि औद्योगिक पिछड़ेपन के जिला विशिष्ट मामलों पर ध्यान केन्द्रित करने की दृष्टि से अंतर-विभागीय बैठकें आयोजित की गई हैं तथा ठोस नीतिगत निर्णयों को अंतिम रूप देने व कार्यान्वित करने के लिए उपलब्ध संगत आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि विभिन्न जिलों में एक उपयुक्त तरीके से  औद्योगिक पिछड़ेपन के मामलों का निराकरण किया जा सके।
 
       मंत्री महोदय ने यह भी जानकारी दी कि उद्योगों के विकास हेतु  अनेक स्कीमें मौजूद हैं, जिनमें से कुछ विशेष क्षेत्रों पर केन्द्रित हैं जो इस मंत्रालय के द्वारा कार्यान्वित की जाती हैं-
 
1.     विकास केन्द्र योजना।
 
2.     औद्योगिक अवसंरचना उन्नयन योजना   ( आईआईयूएस)  ।
 
 3.    परिवहन राजसहायता योजना।
 
4.     पूर्वोत्तर औद्योगिक और निवेश संवर्धन नीति, 2007 (एनईआईआईपीपी) । 
 
 5.    विशेष श्रेणी राज्यों के लिए नई औद्योगिक नीति एवं अन्य रियायतें।

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