मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्रीमती डी. पुरंदेश्वरी ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी कि इस मंत्रालय द्वारा संचालित अधिकांश योजनाएं सामान्य स्वरूप की होती हैं, जिनका उद्देश्य अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़े वर्गों सहित समाज के सभी वर्गों को लाभ पहुंचाना है ।
केन्द्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों तथा सभी केन्द्रीय वित्त पोषित संस्थाओं में अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति हेतु क्रमश: 15 तथा 7.5 प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान है, जिनके लिए दाखिला मानदण्डों में भी रियायत दी जाती है ताकि आरक्षण के लक्ष्य को पूरा किया जा सके । अत: इन योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजातियों के दाखिले के अनुपात में इन विद्यार्थियों को लाभ मिलता है ।
इन समुदायों के विद्यार्थियों के लाभार्थ कुछ अन्य उपाय भी मौजूद हैं जैसे 1. अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में प्राथमिकमिडिल स्कूल खोलने हेतु मानदण्डों में छूट देना 2. फीशिपछात्र वृत्तियांअध्येतावृत्तियां, वर्दियां, लेखन सामग्री, स्कूली बस्ते उपलब्ध कराना 3. कुछ लाभवंचित समूहों के लिए कट-ऑफ अंकों में रियायत देना और 4. जनजातीय भाषाओं में पाठयपुस्तकें तैयार करना आदि ।
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