मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री, श्रीमती डी. पुरंदेश्वरी ने लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी कि विश्वविद्यालय पध्दति के अंतर्गत बुनियादी विज्ञान अनुसंधान को सुदृढ बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा प्रो. एम.एम. शर्मा की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन किया गया था ।
अपनी रिपोर्ट में कार्यबल ने अन्य बातों के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर अनुसंधान वैज्ञानिकों के 1000 पदों का सृजन, दस वर्षों के अंदर उपयुक्त स्तर के साथ भारतीय विश्वविद्यालयों से पी.एच.डी. करने वालों की संख्याम पांच गुणा वृध्दि, संयुक्त अनुसंधान परियोजना तथा प्रशिक्षण के माध्यम से विश्वविद्यालयों और सीएसआईआर प्रयोगशालाओं सहित राष्ट्रीय स्तर के संस्थाओं के बीच औपचारिक संबंध को प्रोन्नत करना, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी से संबंधित स्नातकोत्तर कार्यक्रम में अनुसंधान का अंतर्निहित घटक, गुणवत्तापरक वैज्ञानिक अनुसंधान को बढावा देने के लिए विश्वविद्यालय के अग्रणी विभागों में बुनियादी विज्ञानों में नेटवकिर्गं केन्द्रों की स्थापना की भी सिफारिश की है ।
सरकार द्वारा ये सिफारिशें मंजूर कर ली गई हैं और इन सिफारिशों को लागू करने के लिए कार्यबल को एक अधिकार प्राप्त समिति का दर्जा दे दिया गया है । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने निधियों के आबंटन के लिए इन प्रस्तावों को अपनी योजना में सम्मिलित कर लिया है ।
Wednesday, April 16, 2008
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