Saturday, November 22, 2008

विश्व सिनेमा - डिसायरे सर

कथासार विश्व सिनेमा :- डिसायरे सर
चिली - 100 मिनट - 35 मि.मी. - रंगीन - 2007 - निर्देशक- शोन गैरी

वार्सिलोना में रह रही 20 वर्षीय सोफिया स्पेनिश लड़की है। वह अपने माता-पिता की इकलौती सन्तान है और साथ ही एक अच्छी तैराक भी है। उसकी माँ कैंसर से पीड़ित है। वह अपनी माँ की बहुत देखभाल करती है, ताकि उसकी माँ के जीवन के आखिरी दिन कष्ट और पीड़ा में न बीतें।
माँ की मृत्यु सोफिया के जीवन में बहुत बड़ा खालीपन ला देती है, वहीं पिता के जीवन में पत्नी की मृत्यु भावनात्मक अभाव की स्थिति पैदा कर देती है। उसके पिता अपनी भावनाओं को संयत रखते हैं, जिससे सोफिया को लगता है कि उसके पिता को संभवत: उसकी माँ से अधिक प्रेम नहीं था।
कुछ ही समय पश्चात सोफिया के हाथ वह पत्र लगा, जो उसकी माँ ने गोपनीय ढंग से चिली में भेजा था। उसके मन में इस पत्र में लिखी बात को जानने की जिज्ञासा जागी। पत्र को पढने क़े बाद उसे अपनी माँ की गुजरी जिन्दगी के उस प्यार के बारे में पता चला, जिसे माँ कभी भूल नहीं सकती थी। उस पत्र में माँ ने अपनी अस्थियां अटाकामा रेगिस्तान में बिखेर दिए जाने की इच्छा भी व्यक्त की थी।
पत्र पढक़र सोफिया यह निर्णय लेती है कि वह खुद चिली जाकर यह पत्र व्यक्तिगत तौर पर उस व्यक्ति को सौंप देगी और इस प्रकार संभवत: अपनी माँ के गुजरे कल के बारे में वह कुछ जान पाएगी। वह पत्र के साथ दो प्लास्टिक की बोतलें, जिनमें उसकी माँ की अस्थियां थीं, को पिट्ठू में बांध कर चिली की ओर चल पड़ी। एक अर्जेंटीनी जिसकी पिछली जिन्दगी का इतिहास ठीक नहीं था, और नाडिया नाम की एक विद्रोही लड़की जो अपना घर छोड़कर आई थी, अटाकामा रेगिस्तान के दूर-दराज के एक नगर डिसायरे सर की ओर जाने वाले सफर में उसके साथी बने। इस सफर का हर एक सदस्य जो पारिवारिक और व्यक्तिगत ऊहापोह की स्थिति से गुजर रहा था, के साथ सफर का रोमांच भी जुड़ गया। इस सफर के अपने अनुभवों से वे भावनात्मक रूप से परिपक्कव हुए और इस प्रकार उन्हें अपने परिवार और मित्रों की अहमियत का पता चला।

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